गायक बिल्लू भौर वाले के गीत  का संत बलबीर सिंह सीचेवाल ने किया विमोचन 

गायक बिल्लू भौर वाले के गीत  का संत बलबीर सिंह सीचेवाल ने किया विमोचन

Revolutionary Song released  सुल्तानपुर लोधी ,30 जनवरी (कौड़ा)- गायक बिल्लू भौर वाले ने

किसानी संघर्ष प्रति एक और गीत टाइटल दिल्लीये हक सदा खोने पेंदे ने

आज पदम श्री बाबा बलबीर सिंह सीचेवाल ने रिलीज किया 
इस गीत के लिए गायक बिल्ला और उसके  साथ सहयोग  साबी चीनीयां द्वारा म्यूजिक शिव राजाणी रिकार्ड और बबलू संन्यास का है। जिसकी वीडियो शूटिंग सनम फिल्म प्रोडक्शन द्वारा की गई है  गायक बिल्लू बोर्ड ने पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि इस गीत में किसानों के हक में हा का नारा दिया गया है ।जो भारत सरकार द्वारा तीन किसानी कनून अभी तक वापस लेने की बात नहीं की जा रही और हम उसका विरोध करते हैं । बिल्लू  भौर ने कहा कि जो मोदी सरकार अपनी जिद पर अड़ी हुई है ।
इस गीत द्वारा बताया गया है कि किस प्रकार हक लिए जाते हैं।  इस गीत को आप तक पहुँचाने के लिए जहां साबी चीनिया, विक्की चीनिया, अध्यक्ष प्रैस क्लब सुरिन्द्र सिंह बब्बू ,रीगल रैस्टोरैंट इटली से लखविंदर सिंह, जसवीर सिंह लाडी, रवि जामा ,राणा डडविंडी, मनजीत मान, कुलविंदर संगडिदा ,सिमरनजीत सिंह, प्रवेज भट  , मंगा हांडा ,सतनाम सिंह नामी कबड्डी कोच, अश्विनी महितपुर, गोनी पहलवान, डा अवतार सिंह , आदि ने अहम योगदान डाला है। वहीं उन्होंने कहा कि मेरे सभी श्रोताओं का दिल से मैं आभार व्यक्त करता हूं। जो मेरे गीतों को प्यार देते हैं। Revolutionary Song released

गायक

बिल्लू भौर

बहुत ही नेक  इंसान माने जाते हैं और दिल के भी बहुत नरम , अपने नेचर के मुताबिक उन्होंने इसगाना सुनने के लिए यहां क्लिक करें⇒ गाने को बखूबी गाया है जिसकी वीडियो भी बहुत अच्छी हुई है और डायरेक्शन भी कमाल की दी गई

क्रांतिकारी किसानों की आवाज

सुनो भारत के लोगों तुमसे एक बात हम कहें ।
तुम सदा सलामत रहो हम चाहे रहे ना रहें।
आप सबके लिए तो हमने यह चोले बसंती रंगे।
पर आपने हमारे ही नाम पर फैलाएं दंगे
हम सपूत हैं धरती मां के अपमान नहीं करेंगे।
मां की हिफाजत के लिए हंस हंस सूली चढेंगे।
अगर आज भी आप हमारा साथ ना दोगे।
याद रखना आप सब यहां खून के आंसू रोवो गे।
जब शहीद हम होंगे तब ताली खूब बजाना ।
लहू निकाल के तन से पीना और नहाना।
हमारी हड्डियां लाकर चूल्हे में जलाना।
हमारे मांस को पकाकर लोगों सारे शौक से खाना।
फिर शायद तुम्हारे दिल में आवाज ऐसी आए।
वह दहाड़ बनकर गूंजे और इंकलाब ले आए।
खुद भी नींद से जागो और जमीर को भी जगाओ ।
रूह में जनून भर के हाथ में मशालें लेकर आओ।
हम करें इंतजार तुम्हारा राहों में नैन बिछाऐ ।
हम देखेंगे कौन हैं आता सिर पर कफन सजाए।
किसान है तो जान है जान है तो जहान है।
धरती मां जिंदाबाद इंकलाब जिंदाबाद
_लेखक :रोमी बैंस खरलां_
Revolutionary Song released